Incest परिवार मे प्यार बेशुमार

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Dolly sharma
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Re: Incest परिवार मे प्यार बेशुमार

Post by Dolly sharma »

राज के होंठ भी अपनी दीदी की चूत के होंटो से मिल चुके थे.. जो इस वक़्त कली से फूल बनकर अलग अलग हो चुके थे .. और राज चूत के दोनो होंटो के बीच अपनी जीब अंदर घुसाता चला जाता है ...
डॉली को बड़ा मीठा सा दर्द होता है ..

दोनो भाई बहन सुहाग रात का पूरा लुफ्त लेते हुए मंज़िल की तरफ बढ़ने लगते है ...

जेसे ही डॉली झड़ने के करीब पहुचती है अपनी कमर हवा में उछालने लगती है राज को भी अपनी दीदी के झड़ने का अहसास हो जाता है और राज अपनी जीब को फांको के बीच गोल गोल घुमाने लगता है जिससे डॉली और भी तड़प जाती है...

डॉली के मूह से मस्ती भरी सिसकारियाँ निकलने लगती है ..
आआआहह सस्स्स्स्स्स्स्स्स्स्सीईई



जिससे राज का लंड डॉली के मूह बाहर आ जाता है ..
और पल अपनी चूत से रस की धारा बहते हुए बाहर आने लगती है ...

डॉली... आआआ गगगगगगगाआआअ सस्सीए उउउम्म्म्मममममम आआईयईई
डॉली धीरे धीरे झड़ती चली जाती है ....

अपनी साँसे नॉर्मल करके डॉली फिर से राज का लंड अपने मूह में लेकर राज को ब्लोजोब देने लगती है..कुछ देर की मेहनत का फल डॉली को मिल जाता है

राज का अमृत जेसा लिक्विड उसके गले में उतर चुका था ....
दोनो एक बार फिर तृप्त हो चुके थे

मगर आज की रात दोनो की सुहाग की रात थी.. डॉली अपने भाई के लिए एक ग्लास और बादाम वाला दूध ले आती है जिसे पीकर राज फिर से तैयार हो जाता है ...

और अपनी दीदी को डॉगी स्टाइल बनाकर अपना लंड चूत में डाल देता है ...




सुबह के 4 बजे जाकर दोनो भाई बहन की आँख लगती है ..इस बीच डॉली और राज ने 4 बार सेक्स कर लिया था ....
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Dolly sharma
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Re: Incest परिवार मे प्यार बेशुमार

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सुबह को डॉली की आँखे काफ़ी देर से खुलती है..डॉली बिस्तर से उठते हुए राज को देखती है ...

डॉली को एक बार फिर राज पर प्यार सा आ जाता है और झुकते हुए डॉली राज के माथे को चूम लेती है ...

सुबह के 9 बज चुके थे डॉली बिस्तर से उतर ते हुए जेसे ही अपने पर ज़मीन पर रखती है ... उसे अपनी टाँगों के बीच असहनिए दर्द महसूस होता है ...

डॉली... आआईयईीीइसस्स्स्शह ...
बहुत दर्द हो रहा था डॉली को अपनी चूत पर...

फिर भी डॉली लड़खड़ाती कदमो से चलती हुई डॉली बाथरूम में पहुचती है... और शवर खोलकर पानी के नीचे खड़ी हो जाती है ...
शवर लेते हुए डॉली को बड़ा सकूँ मिल रहा था.

काफ़ी देर नहाने के बाद डॉली अपने जिस्म पर टवल लपेट कर बाहर आती है और राज के पास आकर उसे उठाते हुए ....

डॉली... गुड मॉर्निंग मेरे सरताज
उठ जाओ अब ...

राज धीरे से अपनी आँखे खोलते हुए ..
राज ... गुड मॉर्निंग माइ लव ..
और ये कहते हुए राज अपनी दीदी को खिच कर अपने होंटो से लगा लेता है ..

डॉली.. छोड़ो मुझे भाई देखो 10 बजने वाले है मम्मी पापा कभी भी आ सकते है...

राज को भी लगता है पूरे घर की हालत बदल चुकी है उसे ठीक करने में बहुत टाइम लगेगा ...

राज अपने ऊपर से चादर हटा बिस्तर से उतरता है..राज का नंगा जिस्म एक बार फिर से डॉली के सामने आ जाता है ..

राज का लंड फिर से खड़ा हुआ डॉली को घूर रहा था ...

डॉली .. भाई ये क्या हर वक़्त खड़ा ही रहता है ...

राज .. दीदी तुम्हारे सामने बैठने की हिम्मत नही है बेचारे में ...

राज की बातो से डॉली मुस्कुराते हुए

डॉली... भाई जाओ जल्दी से फ्रेश हो जाओ
कही ये सेक्स करने को ना कहने लगे..

राज भी अपनी दीदी की तरफ मुस्कुराते हुए बाथरूम में चला जाता है ...

डॉली अपने कपड़े पहनकर पहले राज के कमरे की सफाई करती है ...
बॅड पर बिछी चादर पर जगह जगह
खून के धब्बे लगे हुए थे ...

डॉली खून से सनी चादर हटाकर
दूसरी चादर बिछा देती है ..

राज फ्रेश होकर बाहर आता है और डॉली को अपनी बाँहो में भर लेता है ...

डॉली... भाई अब हमारी शादी हो चुकी है.. क्या मम्मी पापा के आने बाद हमे फिर से अलग रहना पड़ेगा...

दीदी के इस सवाल का जवाब राज के पास भी नही था ..

राज को चुप देखकर डॉली फिर से पूछती है ...
डॉली.. बोलो ना भाई अब में तुम्हारे बिना एक पल जी ना पाउन्गी ...

राज ... ओह्ह्ह्ह्ह दीदी में भी तुम्हारे बिना अब जी ना पाउन्गा..अब तुम मेरी धरम पत्नी बन चुकी हो..आज के बाद तुम हमेशा मेरी ही बाँहो में ही सोया करोगी ... ...

राज अपनी दीदी को अपने साथ सुलाने का
वादा कर लेता है ...

मगर राज और डॉली को क्या मालूम था
आने वाला वक़्त कितना बड़ा तूफान लेकर आयगा ....
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Dolly sharma
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Re: Incest परिवार मे प्यार बेशुमार

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मगर राज और डॉली को क्या मालूम था
आने वाला वक़्त कितना बड़ा तूफान लेकर आयगा ....

करीब 11 बजे मम्मी पापा और ज्योति देहरादून से लौट आते है ...

पापा के चेहरे की खुशी देखकर डॉली का दिल घबराने लगता है ...

और जेसे ही उसके पापा बोलते है ..
डॉली के पैरों तले ज़मीन खिसक जाती है ...
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Dolly sharma
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Re: Incest परिवार मे प्यार बेशुमार

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मम्मी पापा के चेहरे की खुशी देखकर राज और डॉली को घबराहट
होने लगी थी ...
और जेसे ही पंकज राज को अपनी खुशी के बारे में बताता है ...

पंकज... राज बेटा लड़के की जितनी तारीफ की जाय उतनी कम है..बस इतना समझ लो हमे लड़का एक ही नज़र में भा गया..
अपनी डॉली की जोड़ी उसके साथ खूब जमेगी ...

राज खामोशी से अपने पापा की बाते सुन रहा था ..
मगर डॉली को ये बाते अपने दिल में तीर की तरह चुभ रही थी ...

पंकज ...बेटा फोटो में बिल्कुल पता ही नही चल रहा था लड़के की पर्सनॅलिटी केसी है ..

ज्योति तो उस लड़के को देखते ही जीजू बोलने लगी थी ...

ज्योति ... हा भैया लड़का किसी हीरो से कम नही लग रहा था...
एक दम सलमान ख़ान जैसी बॉडी थी..
उनके साथ दीदी की जोड़ी खूब जमेगी ...

ये सब सुनकर डॉली का खून उबलने लगता है ..दिल ऐसा करता है अभी.सबको अपनी शादी के बारे में बता दूँ..
इसीलिए डॉली अपने भाई की आँखो में घूर कर देखती है ..

राज दीदी खामोश रहने का इशारा करता है ...
मगर अगले पल पंकज एक और झटका दे देता है ...

पंकज... मेंने अगले सनडे उनको अपने घर बुलाया है..दोनो एक दूसरे को देख लेंगे और लगे हाथ दोनो की एंगेज्मेंट भी कर देंगे ...

ये सुनकर डॉली के सीने में गुबार सा उठने लगता है. डॉली से अब एक पल भी बैठना मुश्किल हो रहा था..

राज की नज़र भी बार बार अपनी दीदी की तरफ जा रही थी ..

डॉली अपने लिए राज के सिवा किसी को सोच भी नही सकती थी ..
इसीलिए डॉली बिना कुछ कहे वहाँ से उठकर अपने रूम में चली जाती है ...

डॉली को ऐसे बिना कुछ कहे जाते हुए देखकर सुषमा पंकज से कहती है ..

सुषमा... ये डॉली एक दम उठ कर क्यूँ चली गई ...

पंकज मुस्कुराते हुए सुषमा से कहता है ....
पंकज... एंगेज्मेंट की खबर सुनकर शरमा गई होगी ...

मगर राज जानता था दीदी ऐसे क्यूँ चली गई .. राज भी उठकर दीदी के रूम में चला जाता है ...

डॉली बिस्तर पर बैठी फफक फफक कर रो रही थी ...
राज आगे बढ़कर अपनी दीदी का चेहरा ऊपर करते हुए ...
राज .. दीदी ऐसे नही रोया करते सब ठीक हो जायेगा .. इतनी सी बात पर देखो क्या हॉल बना लिया तुमने ....

डॉली रोते हुए ...
डॉली... भाई पापा मेरी सगाई की बात कर रहे है ...मुझे ऐसा लग रहा था ..जेसे मेरे जिस्म से जान निकालकर किसी और के हवाले करने की बात कर रहे हो ...
भाई में तुम्हारे बिना एक पल जी नही पाउन्गी मर जाउन्गी भाई..
मुझे कही दूर ले जाओ...

राज अपनी दीदी के आँसू को पोछते हुए

राज... दीदी में भी तुम्हारे बिना कैसे जी सकता हूँ.हमारे पास अभी पूरा हफ़्ता बाकी है देखना कुछ ना कुछ रास्ता ज़रूर निकल जायेगा..
बस दीदी आप ऐसे रोया ना करो मेरी जान निकल जाती है..

राज की बातो से डॉली को थोड़ा होसला मिलता है..

राज ... चलो दीदी एक बार मुस्कुरा कर दिखाओ ...

डॉली रिलॅक्स सी होकर राज की तरफ हल्का सा मुस्कुरा देती है ..
राज दीदी को अपने सीने से लगा लेता है ...


राज .. ये हुई ना बात ..आई लव यू दीदी..

डॉली... लव यू टू राज ...

तभी दोनो को ज्योति के आने की आहट होती है.. राज थोड़ा सा अपनी दीदी से अलग हो जाता है ....
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