Adultery दिव्या का सफ़र

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Rishu
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Adultery दिव्या का सफ़र

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ये कहानी है दिव्या अरोड़ा की. दिव्या जो 32 साल की एक बेहद खूबसूरत औरत है और दिल्ली के एक मशहूर पब्लिक स्कूल में बायोलॉजी की टीचर है. वो कुछ दिन पहले ही अपने पति राजेश अरोड़ा के साथ चंडीगढ़ से दिल्ली की एक पोश सोसाइटी में शिफ्ट हुई है. दिव्या की शादी को 5 साल हो गए हैं. राजेश से उसकी लव मैरिज हुई है. राजेश ३६ साल का एक खूबसूरत आदमी है और सरकारी ऑडिटर है और इसी वजह से उसको अक्सर घर से बाहर रहना होता है. चंडीगढ़ में तो वो आस पास ही कंपनी में ऑडिट के लिए जाता था तो वो हर वीकेंड पर घर पर ही रहता था लेकिन दिल्ली आने के बाद से वो अक्सर मुंबई और चेन्नई जाने लगा है इसलिए 20-22 दिन तक घर नहीं आ पाता फिर भी दिव्या और राजेश के प्यार में कोई कमी नहीं आई है.

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दिव्या एक अप्सरा की तरह खूबसूरत है और जहाँ भी जाती है लोग उसको पलट कर देखे बिना नहीं रह पाते. उसके 34 डी के मम्मे जैसे ब्लाउज को फाड़ देना चाहते हो. शादी के बाद उसका बदन और गदरा गया था और किसी को भी गरम कर सकता था. राजेश के घर से बाहर रहने की वजह से वो बहुत बोर होती थी इसीलिए राजेश ने सोर्स लगाकर उसकी नौकरी लगवा दी थी वरना उनके घर में किसी चीज की कमी नहीं थी.

दिव्या ने बायोलॉजी में मास्टर्स किया था इसीलिए उसे 11 और 12 के बच्चों को बायोलॉजी पढ़ाने की जिम्मेदारी दी गयी थी. इसके साथ की उसको हफ्ते में 3 दिन छोटे बच्चों की बस में भी ड्यूटी देनी होती थी. वो काफी मेहनत से पढ़ाती थी इसीलिए स्कूल में जल्द ही सब उसको पसंद करने लगते थे. स्कूल में मेल स्टाफ के नाम पर सिर्फ 4 ही लोग थे. प्रिंसिपल, स्पोर्ट्स टीचर और 2 चौकीदार और ये सारे ही दिव्या के शैदाई हो गए थे साथ ही दिव्या का सुन्दर शरीर मेल स्टूडेंट्स को भी खूब आकर्षित करता था.

दिव्या इस सबसे अनजान अपने काम पर ध्यान दे रही थी. एक दिन राजेश को एक कंपनी का ऑडिट करने एक महीने के लिए पुणे जाना पड़ता है. राजेश को गए एक हफ्ता हो गया था और दिव्या क्लास में पढ़ा रही थी. उसकी हॉट साड़ी की वजह से 12 के स्टूडेंट मनीष का लण्ड खड़ा हो जाता है. मनीष अपने बगल में बैठी गर्लफ्रेंड पूजा की स्कर्ट के अन्दर हाथ डाल कर उसकी जांघ सहलाने लगता है इससे पूजा की चूत गीली होने लगती है.

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पूजा मनीष के हाथ पर अपना हाथ मार कर उसको ऐसा करने से मना करती है लेकिन मनीष उसका हाथ पकड़ कर अपने लंड पर रख देता है और पेंटी के ऊपर से उसकी चूत सहलाने लगता है. पूजा गरम हो कर मनीष का लंड सहलाने लगती है जिससे मनीष का लंड एक सांप की तरह हुंकार भरने लगता है.

तभी दिव्या के हाथ से बुक नीचे गिर जाती है जिसे उठाने के लिए वो नीचे झुकती है और उसके मम्मे ब्लाउज से बाहर झाँकने लगते है. ये नजारा देख कर मनीष का लंड पेंट से बाहर आने को मचलने लगता है. वो अपना हाथ पूजा की चूत की लाइन पर रगड़ने लगता है. पूजा की पेंटी पूरी गीली पड़ी है और उसके चेहरे के हाव भाव बदल जाते है. वो अपनी टाँगे खोल देती है ताकि मनीष अच्छे से उसकी चूत रगड़ सके. उधर पूजा के चेहरे को देख कर दिव्या को कुछ शक होता है और वो पूजा की सीट की तरफ बढ़ने लगती है. ये देख कर मनीष अपना हाथ हटा लेता है और पूजा भी नार्मल बैठ जाती है और पढने का नाटक करने लगती है.

जब दिव्या उनकी सीट पर पहुचती है तो देखती है की मनीष और पूजा पढने में मशगूल है लेकिन पूजा की स्कर्ट उसके घुटने से काफी ऊपर है. दिव्या सोचती है की ये लड़की काफी केयर लेस है. तभी बेल बज जाती है और पीरियड ओवर हो जाता है. ये लास्ट क्लास है तो सब बच्चे क्लास से निकल जाते है. आज दिव्या की बस ड्यूटी है तो वो भी अपने रूट की बस की तरफ चल देती है और जाकर बस में बैठ जाती है. बस स्कूल से निकलती है और थोड़ी दूर जाकर बंद हो जाती है और काफी कोशिश के बाद भी स्टार्ट नहीं होती.

दिव्या ड्राईवर से: क्या हुआ भैया? कितना टाइम लगेगा ठीक होने में.

ड्राईवर: कुछ समझ नहीं आ रहा मैडम. लगता है की मिस्त्री को बुला कर दिखाना पड़ेगा.

दिव्या ये सुनकर परेशान हो जाती है की तभी अचानक पीछे से स्कूल की एक दूसरी बस आ जाती है.

दिव्या: भैया देखो वो अपने स्कूल की ही बस है. उसे रोको.

ड्राईवर और कंडक्टर उस बस को रोकते है. वो 12वी के बच्चो की बस थी तो उसमे कोई टीचर नहीं थी.

दिव्या: बच्चो हमारी बस ख़राब हो गयी है. आप लोग बड़े हो तो आप लोग छोटे बच्चो के लिए सीट खाली कर दीजिये और पीछे चले जाइये.

बड़े बच्चे सीट से उठ जाते है और दिव्या ड्राईवर और कंडक्टर की मदद से बच्चो को एक बस से दूसरी बस में ट्रान्सफर करती है और ड्राईवर को ख़राब बस में रुकने को बोल कर कंडक्टर को ले कर दूसरी बस से चल देती है. इस बस में दो बस के बच्चे होने की वजह से काफी भीड़ हो गयी है. दिव्या को भी बैठने की जगह नहीं है. इत्तेफाक से मनीष भी इसी बस में था. वो दिव्या के पास आ जाता है और बोलता है.

मनीष: मैम आप किसी बच्चे को गोद में लेकर बैठ जाइये.

दिव्या: इट्स ओके मनीष. आई कैन मैनेज.

मनीष: मैम भीड़ काफी हो गयी है. कितनी देर खड़ी रहेंगीं.

दिव्या: आधे घंटे की बात है मनीष. कोई प्रॉब्लम की बात नहीं है.

मनीष चुप हो जाता है. वो एक दम दिव्या से चिपक कर खड़ा था क्योंकि बस में जगह ही नहीं थी. दिव्या के परफ्यूम और बदन की मिलीजुली खुशबु उसको मदहोश करने लगती है और न चाहते हुए भी उसके लंड में तनाव आने लगता है. वो पीछे हटने की कोशिश करता है लेकिन पीछे जगह ही नहीं है. वो खुद पर कण्ट्रोल करने की बहुत कोशिश करता है लेकिन दिव्या के बदन की गर्मी को महसूस करके उसका लंड खड़ा हो ही जाता है. अचानक बस मुडती है और मनीष का लंड दिव्या की गांड में छू जाता है.
Rishu
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दिव्या को ये चुभन फील होती है और वो हल्का सा घूम कर नीचे देखती है तो उसे मनीष की पेंट में बना टेंट नजर आता है. वो आगे होना चाहती है लेकिन आगे भी कुछ बच्चे और दोनों बस के कंडक्टर खड़े हैं तो वो मजबूरी में वही खड़ी रहती है और बार बार उसकी गांड मनीष के लंड से टकराती रहती है. जब मनीष देखता है की दिव्या कुछ नहीं कह रही तो वो दिव्या से एकदम ही चिपक जाता और और उसका लंड दिव्या की गांड की दरार के अंदर घुस कर उसके छेद पर दस्तख देने लगता है.

राजेश कई दिनों से बाहर था और एक दिन पहले ही दिव्या के पीरियड ख़तम हुए थे जिससे वो हीट पर थी. मनीष के लंड को महसूस करके वो गरम होने लगती है लेकिन अपने पर कण्ट्रोल करते हुए वो बार बार बाहर देख रही थी की स्टॉप कितना दूर है. पांच मिनट बाद स्टॉप आता है और 2 बच्चे उतर जाते है तो थोड़ी जगह बन जाती है और दिव्या थोडा आगे हो जाती है लेकिन उसके साथ मनीष भी आगे हो जाता है और पूरी तरह से अपना लंड उसकी गांड में धंसा कर खड़ा हो जाता है.

अब दिव्या समझ जाती है मनीष ये जानबूझ कर रहा है. उसकी चूत गीली होने लगती है लेकिन उसको समझ नहीं आता की सबके सामने वो मनीष को क्या कहे. वो जानती है की 20 मिनट में सारे बच्चे उतर जायेंगे और उसका घर आ जायेगा. उधर बस के चलने के कारण मनीष का लंड उसकी गांड से रगड़ने लगता है. मनीष को लगता है की उसे ये मौका दुबारा नहीं मिलेगा तो वो धीरे से अपना हाथ दिव्या के पेट पर रख देता है और सहलाने लगता है और अपने लंड से दिव्या की गांड का कोना कोना महसूस करने लगता है.

2 मिनट ऐसे ही बीत जाते है तभी अगला स्टॉप आ जाता है और 5-6 बच्चे और उतर जाते है और एक सीट खाली हो जाती है और दिव्या फ़ौरन उस सीट पर बैठ जाती है, मनीष झड़ने ही वाला होता है तो दिव्या के अचानक हटने से उसको बहुत बुरा लगता है लेकिन मनीष ने इतनी देर में काफी मजे ले लिए होते हैं.

थोड़ी देर में सब छोटे बच्चे उतर जाते है और बस दिव्या को उसके घर के पास उतार देती है. घर पहुचते ही दिव्या फ़ौरन बाथरूम में घुस कर शावर के नीचे खड़ी हो जाती है और अपने बदन की गर्मी शांत करने की कोशिश करती है लेकिन आज जो हुआ वो पूरे दिन उसके दिमाग में घूमता रहता है. उसको थोडा गिल्टी भी फील हो रहा था की उसने मनीष को रोका क्यों नहीं साथ ही उसकी चूत में एक आग सी लगी होती है. ऐसे ही पूरा दिन बीत जाता है और वो रात को राजेश को मेसेज करती है लेकिन कोई जवाब नहीं आता. दिव्या को नींद नहीं आ रही और उसके दिमाग में घूमने लगता है की क्या आज वो एक स्टूडेंट के छूने से बहक गयी थी, मनीष शायद जान बूझ कर ऐसा नहीं कर रहा था, शायद भीड़ की वजह से ऐसा हुआ होगा या फिर वो भी बहक गया था और 12वी के एक बच्चे का लंड इतना बड़ा कैसे महसूस हो रहा था.

यही सब सोचते हुए वो और गरम हो जाती है और उसका हाथ उसकी चूत की तरफ बढ़ जाता है. वो राजेश के साथ अपनी पिछली चुदाई याद करते हुए अपनी चूत में ऊँगली करने लगती है लेकिन उसको पता ही नहीं चलता की आँख बंद करते ही राजेश की जगह मनीष ले लेता है और उसकी ऊँगली की रफ़्तार बढ़ जाती है और उसकी चूत पानी छोड़ देती है और वो कब सो जाती है उसको पता ही नहीं चलता.
Rishu
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अगले दिन दिव्या को उठने में देर हो जाती है. वो जल्दी जल्दी तैयार होती है और ऑटो पकड़ कर स्कूल पहुँचती है. ऑटो से उतर कर जब वो स्कूल की तरफ बढती है तो उसके हाथ से उसका फोन नीचे गिर जाती है. वो झुक कर अपना फोन उठाती है तो उसकी चूंची की दरार स्कूल के गेट पर खड़े चौकीदार सलमान को दिखती है. ये नज़ारा देख कर सलमान रह नहीं पाता और अपने लंड सहलाने लगता है. मनीष जो की तभी स्कूल पंहुचा था वो भी ये दोनों नज़ारे देखता है. स्कूल के चौकीदारों को स्कूल के पीछे की तरफ एक कमरा दिया गया है जिसकी चाभी सलमान से ले कर कई बार मनीष पूजा को वहां ले जा कर बजा चुका है तो उसके और सलमान के बीच कोई पर्दा नहीं है. दिव्या के अन्दर जाने के बाद वो सलमान से कहता है

मनीष: किसको देख कर लंड मसल रहा है बे.

सलमान: बेहनचोद ये दिव्या मैम गजब की माल है. जब से आई है लंड खड़ा किया हुआ है साली ने. मन करता है की मसल कर रख दू इसकी जवानी लेकिन साली देखती भी नहीं.

मनीष: हम्म बात तो सही है यार. मैम का बदन आग उगलता है.

सलमान: तुमने कब फील ले ली बे इसके बदन की.

मनीष: कल इसकी बस ख़राब हो गयी थी तो ये मेरी बस में आ गयी. मैं इसके पीछे ही खड़ा था. खूब रगडा अपना लंड इसकी गांड में.

सलमान: अबे कुछ भी कहानी बना दे. कौन मान रहा है. मैं इसको अच्छे से जानता हूँ. ये ऐसी औरत नहीं है.

मनीष: अरे भाई कसम से झूठ नहीं बोल रहा और तुम कैसे जानते हो इसको?

सलमान: अरे मैं रात में जिस सोसाइटी में गार्ड की नौकरी करता हूँ ये वही रहती है. वहां भी लोग लार टपकाते हैं लेकिन ये किसी को भाव नहीं देती. अच्छा तूने इसको टच किया तो इसने कुछ नहीं कहा.

मनीष: सच बोलूं तो शुरू में मेरी भी फट रही थी की कहीं डांट न दे लेकिन मुझे लगता हैं की ये खुद गरम हो गयी थी. मुझे तो लगा की फंस गयी लेकिन बस खाली होते ही अलग हो गयी और फिर मेरी तरफ देखा भी नही. तू इसकी सोसाइटी में गार्ड है फिर तो तेरे पास इसका नंबर भी होगा.

ये सुनते ही सलमान का लंड एकदम कडक हो गया. वो जानता था की राजेश घर पर बहुत कम रहता था क्योंकि कई बार दिव्या घर के छोटे मोटे काम के लिए उसे फोन करती थी. उसे लगा हो न हो मनीष ठीक कह रहा है.

सलमान: क्या करेगा नंबर का. तू पूजा से काम चला.

मनीष: अच्छा सुन न यार, आज तेरा रूम चाहिए होगा. कल से मूड कर रहा है. दिव्या न सही पूजा ही सही लेकिन आज पैसे नहीं हैं मेरे पास.

सलमान रूम की चाभी मनीष को दे देता है.

सलमान: ले बे ऐश कर.

मनीष (चाभी लेते हुए): नंबर दे न मैम का.

सलमान: बोला न तू पूजा से काम चला. ये तेरे बस की नहीं है. इसकी जवानी तो मैं लूटूंगा.

मनीष: यार मैं भी कोशिश कर लूँगा तो तेरे बाप का क्या जायेगा.

सलमान: नंबर देने में मेरा क्या फायदा?

मनीष: पैसे ले लेना यार.

सलमान: अबे रूम के पैसे तो तुझसे दिए नहीं जा रहे और बोल रहा है की पैसे ले लेना.

मनीष: तो तू बोल क्या चाहिए?

सलमान: तू मुझे पूजा की दिला दे.

मनीष: अबे सिर्फ नंबर के लिए तुझे अपनी गर्ल फ्रेंड की दिला दूं. हद कर रहा है.

सलमान: अगर तू मुझे पूजा की दिला दे तो नंबर भी दे दूंगा और हर मदद करूंगा तुझे दिव्या की दिलाने में. देख मैंने तुझे पहले भी चूत दिलवाई है.

मनीष: लेकिन पूजा नहीं मानेगी.

सलमान: वो तू मुझ पर छोड़ दे बस उसको सन्डे को मेरे रूम पर ले आना. बाकी मैं संभाल लूँगा.

मनीष: अबे क्या जबरदस्ती करेगा क्या.

सलमान: नहीं यार. तू बस ले आना पूजा को. साली पक्की रांड है. आराम से दे देगी.
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Re: Adultery दिव्या का सफ़र

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मनीष: ठीक है सलमान भाई. सन्डे को पक्का ले आऊँगा लेकिन अभी तो जाने दो. आज तो ले लूं पूजा की.

ये कह कर मनीष क्लास में चला जाता है. क्लास में पूजा उसका वेट कर रही थी.

मनीष: सुन न बहुत दिन हो गए हैं. आज बहुत मन है.

पूजा: हाँ दिन तो काफी हो गए हैं.

मनीष: तो आज चलें सलमान के रूम पर. मैंने चाभी ले ली है.

पूजा: नही यार वहां नहीं. वो साला बड़ी अजीब नजरों से घूरता है.

मनीष: तुम माल ही ऐसा हो जान और घूर कर कर भी क्या लेगा. सुन इंटरवल में चलते है. तब वो तो गार्ड रूम में होगा.
पूजा: ठीक है. कंडोम है न तेरे पास.

मनीष: सब है जान बस तुम इंटरवल में रूम पर आ जाना. पहले मैं जाऊँगा फिर तुम आ जाना. और बैग लेकर आना. छुट्टी तक वहीँ रुकेंगे.

पूजा: ठीक है.

इंटरवल में मनीष अपना बैग लेकर सलमान के रूम पर चला जाता है. थोड़ी देर में पूजा भी वहां आ जाती है. दोनों खूब जमकर चुदाई करते हैं. छुट्टी होने से पहले मनीष पूजा से कहता है.

मनीष: सुनो यार आज दिल नहीं भरा. सन्डे को भी मिलने का चक्कर चलाओ न.

पूजा: अरे तीन बार तो किया और मन नहीं भरा?

मनीष: यार पूरे स्कूल में तुमसे खूबसूरत कोई लड़की नहीं है और पूरी दुनिया में ऐसा कोई मर्द नहीं जिसका तुमसे दिल भर जाए.

अपनी तारीफ सुन कर पूजा खुश हो जाती है.

पूजा: ठीक है. एक्स्ट्रा क्लास का बहाना बना दूँगी. लेकिन कहाँ मिलोगे.

मनीष: सलमान के रूम पर मिलना ही सेफ होगा.

पूजा: अरे यार वो फिर घूरेगा.

मनीष: यार वो अपना रूम हमको दे देता है बदले अगर थोडा घूर भी ले तो माफ़ कर दो बेचारे को.

पूजा: हम्म्म. ठीक है.

सन्डे को पूजा मनीष को कॉल करती है तो वो उसे चौकीदार के रूम में आने को बोलता है. पूजा बोलती है की वो 15 मिनट में आ रही है. मनीष सलमान के रूम में ही होता है और दोनों दारू पी रहे होते हैं. आज सलमान का लंड सुबह से ही खड़ा था.

मनीष: यार वो 15 मिनट में आ रही है लेकिन तू उसको मनायेगा कैसे?
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Re: Adultery दिव्या का सफ़र

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सलमान जेब से फीमेल वायग्रा निकालता है और मनीष को देता है.

मनीष: ये क्या हैं? मैं ये उसको नहीं दूंगा...

सलमान: बस उसको एक्साइटेड करने के लिए है. मैं चाहता हूँ की वो जल्दी न झडे वरना मजा नहीं आयेगा. मैं भी लूँगा एक गोली चोदने से पहले. तू अपना फोन साथ में रखना और जब मैं फोन करूं तो तुम उसको छोड़ कर चले जाना.

मनीष: छोड़ के कैसे जाऊँगा. अगर मैं जाऊँगा तो वो क्यों रुकेगी?

सलमान: उसको बोलना की अर्जेंट काम आ गया है और तुम आधे घंटे में वापस आ जाओगे. और आधे घंटे बाद फोन करके बोल देना की एक घंटा और लगेगा.

तभी दरवाजे पर खटखटाने की आवाज होती है. मनीष झट से दरवाजा खोलता है और पूजा अन्दर आती है. पूजा देखती है की सलमान शराब की बोतल लिए बैठा है और दो गिलास भी रखे हैं.

पूजा: तुम भी पी रहे थे क्या मनीष?

मनीष: सलमान भाई बोले की कंपनी दे दो तो साथ में कोल्ड ड्रिंक पी रहा था.

सलमान एकटक पूजा को घूरे जा रहा था. हालाँकि पूजा के मम्मे दिव्या की तरह बड़े नहीं थे क्योंकि पूजा अभी कमसिन है, जवानी की दहलीज पर है. उसके हुस्न एक कच्चा अमरुद था जबकि दिव्या एक पका आम. दोनों का अलग मजा है.

सलमान: पूजा जी आप भी बैठिये न यहाँ.

पूजा: मैं पीती नहीं हूँ.

सलमान: जी जानता हूँ. मैं तो बस पांच मिनट साथ बैठने को कह रहा था या अन्दर वाले रूम में जाने की जल्दी है.

पूजा थोडा झेंप जाती है. वो पहले भी कई बार इस रूम पर चुद चुकी है लेकिन कभी सलमान ने उसे अपने पास बैठने को नहीं कहा. वो वहां बैठ जाती है. सलमान अन्दर से एक और गिलास में कोल्ड ड्रिंक ले आता है जिसमे उसने वो टेबलेट मिला दी थी. पूजा फटाफट अपनी कोल्ड ड्रिंक ख़तम करती है और मनीष को अन्दर चलने का इशारा करती है. मनीष भी पूजा को लेकर अन्दर जाना चाहता है.

सलमान: कुछ और लोगे मनीष?

मनीष: नहीं सलमान भाई. अब हम अन्दर जाते है.

सलमान: हाँ हाँ भाई, जिस काम के लिए आये हो वो तो करो. जाओ अन्दर.

मनीष पूजा का हाथ पकड़ कर रूम में चला जाता है और दरवाजा बंद कर लेता है. दरवाजा बंद होते ही पूजा मनीष को बाँहों में जकड लेती है. मनीष समझ जाता है की टेबलेट का असर शुरू हो गया है. उसका लंड पूजा की चूत पर दस्तख देने लगता है.

मनीष: तुम नहीं जानती मेरी जान की मैं तुम्हे कितना मिस करता हूँ.

पूजा: वो तो मुझे पता चल ही रहा है. हा हा हा.

मनीष समझ जाता है की पूजा उसके खड़े लंड की वजह से ये बोल रही है. मनीष पूजा के होठों को अपने होठों से बंद कर देता है और एक जबरदस्त चुम्मा लेता है. पूजा भी झट से अपना मुह खोल कर अपनी जीभ मनीष के मुह में डाल देती है और जीन्स के ऊपर से मनीष का लंड पकड़ लेती है. उसकी चूत भी काफी गीली हो गयी है. मनीष जीन्स खोल कर अपना लंड बाहर निकाल कर पूजा के हाथ में पकड़ा देता है और उसकी जीभ चूसने लगता है. फिर मनीष पूजा को नीचे बिछे कारपेट पर बिठा देता है और उसके सारे कपडे उतार कर उसको नंगा कर देता है. इधर मनीष पूजा के बदन से खेल रहा है और उधर सलमान की होल से अन्दर का नजारा देख कर अपना लंड हिला रहा है. पूजा मनीष के कान में कहती है.

पूजा: उफ्फ्फ अब डाल भी दो न. कितना तड़पाओगे.
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