टिया की फीलिंग्स का स्टार्ट
(टिया बचपन से सिर्फ़ एक ही लड़के के क्लोज़ हुई है. वो तरुण
है. टिया के दिल मे तरुण के लिए ये फीलिंग्स बहुत पहले से है.
वो तरुण को ही अपना सब कुछ मानती थी. उसने कभी किसी और लड़के को अपने पास तक नही आने दिया है. उसे जब से प्यार के इस रूप के बारे मे पता लगा उसने बस तरुण को
ही अपने दिल मे पाया. क्योंकि तरुण एक ऐसा लड़का था. जो उसकी
इतना ज़्यादा केर करता था. उसे हँसाता था..हमेशा उसके
साथ रहता था. इसलिए टिया तरुण को अपना सब कुछ मान
चुकी थी. तरुण बचपन से उसके साथ था. इसलिए वो लाइफ मे
मुसीबत के टाइम पर हेल्प के लिए तरुण को ही पाया. ऑर अपनी लाइफ
मे तरुण के अलावा किसी को नही आने देना चाहती..)
तरुण रूम से निकल कर नीचे जाने ही वाला था की उसकी नज़र
टीना के रूम पर पड़ती है.. वो टीना के रूम पर नॉक करता
है. कुछ देर मे टीना डोर खोलती है.
तरुण – “ हाई दी ,
“
टीना – “ अरे भाई . तू ”
तरुण – “ हा दी आज सुबह से आपसे नही मिला ना तो थोड़ा
टेंशन मे था. “
टीना तरुण को अंदर आने का इशारा करती है. तरुण अंदर जा
कर बेड पर बैठ जाता है. टीना भी गेट बंद करती है लेकिन
लॉक नही करती. ऑर अपनी स्टडी टेबल पर लगी चेयर पर आ कर
बैठ जाती है.
टीना – “ हा वो कॉलेज गयी थी. वैसे स्टडी का लोड बहुत
ज़्यादा है ना. इसलिए टाइम ही नही मिलता. “
तरुण – “ दी इतना स्टडी मे बिज़ी रहना अच्छी बात नही
है.. थोड़ा रेलक्श भी किया करो. “
टीना- “ ओके ओके.. लेकिन तू बता ,, तुझे टेंशन क्यो हो रही थी. ?
“
तरुण – “ वो दी आपसे मिला नही था ना. इसलिए सोच रहा
था.. आप मुझसे नाराज़ तो नही हो. “
टीना – “ अरे नही भाई. मैं तुझसे कभी नाराज़ हो सकती हू क्या. “
टीना इतना कहते हुए तरुण के पास आ कर खड़ी हो जाती है. ऑर
तरुण के सर पर अपना एक हाथ रख कर.. उसके बालो के साथ
अठखेलियाँ करने लगती है. तरुण को ये बहुत अच्छा लग रहता. वो अपने दोनो हाथ को टीना की कमर मे डाल देता है.
टीना भी तरुण की इस हरकत पर कुछ नही कहती. लेकिन कुछ
देर बाद टीना तरुण को अपने से अलग करती है..
टीना – “ भाई मुझे अभी स्टडी करनी है.. जा ऑर मुझे पढ़ने दे.
तरुण – “ ठीक है दी आप पढ़ो मैं चलता हू; “
तरुण इतना कह कर रूम से बाहर आ जाता है ऑर टीना स्टडी मे
बिज़ी हो जाती है. तरुण जब सीडियो से नीचे आ रहा होता है
तो उसे तानिया ऊपर जाती हुई मिलती है वो तरुण को साइड मे
धक्का देती है
तानिया – “ चल हट बे बंदर ,,,साइड दे “
तरुण साइड मे हो जाता है. ऑर तानिया बहुत जल्दी मे थी. वो
जल्दी से अपने रूम मे चली जाती है. तरुण नीचे हाल मे आ
जाता है. ऑर टीवी देखने लगता है उसके दिमाग़ मे अब तानिया से
बदला लेने का प्लान बन रहा है. तरुण सोच ही रहा था की
कैसे तानिया से बदला ले. तभी वहाँ कामिनी आती है ऑर उसे
टी देती है. तरुण चाय लेता है. . कामिनी टीवी पर कोई सीरियल लगा
कर बैठ जाती है. तन्नू भी अपनी चाय ले कर सोफे पर आ कर बैठ
जाती है. ऑर टिया को आवाज़ लगाती है टिया दौड़ कर वहाँ आती है
ऑर सोफे पर अड्जस्ट होने की कोशिश करती है.
कामिनी – “ टिया यहा क्या ज़रूरी है. दूसरे सोफे पर बैठ जा “
टिया – “ नही मोम मुझे भाई के पास ही बैठना है. “
कामिनी – “ ले तू बैठ यहा अपने भाई के पास .. भाई की
लाडली..”
ऑर इतना कह कर कामिनी दूसरे सोफे पर शिफ्ट हो जाती है. टिया
तरुण के बगल मे बैठ जाती है. टिया तरुण से बिल्कुल सट कर
बैठी है. तरुण के दूसरी ऑर तन्नू बैठी है.. टीवी पर सीरियल
स्टार्ट होता है.. सभी लॅडीस सीरियल देखने बिज़ी हो जाती है.
