Incest खूनी रिश्तों में प्यार

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Dolly sharma
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Re: खूनी रिश्तों में प्यार

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उसके बाद में हॉस्पिटल से बाहर निकला गाड़ी स्टार्ट किया ओर घर की ओर चल दिया..

घर के सामने जाकर गाड़ी रोका चाभी निकालकर रूम की तरफ चल दिया

दरवाजा अंदर से बंद था मेने दरवाजा पे बेल बजाई तो थोड़ी देर बाद डॉली ने दरवाजा खोला उसके शरीर पर एक तौलिया लेपटा हुआ था जो उसके जाँघो तक ही था आधे ज़्यादा बूब नंगे थे..

मेने लपककर डॉली को अपनी बाहों में उठा लिया दरवाजे को अंदर से बंद करके डॉली को बाहों में उठाए उठाए बेडरूम की तरफ बढ़ गया. बेडरूम जाते ही मे अपने सारे कपड़े निकालकर एकदम नंगा हो गया मेरे लंड तन कर नाग की भाँति फुफ्कार रहा था

मेने डॉली के बदन से तौलिया को खींचकर नीचे फेंक दिया.

अब डॉली के बदन पर एक काली रंग की पैंटी थी में डॉली के ऊपर चढ़ा ओर उसके दोनो उभारों को मसलते हुए डॉली मौसी के रसीले होंटो को चूसने लगा डॉली मेरे बालो में अपनी नाज़ुक उंगलिया घुमा रही थी में डॉली के होंठो को बेतहाशा चूमे जा रहा था डॉली भी मेरे होंठो को चूसे जा रही थी.. में डॉली के उभारों को मसलते रहा था में अपना एक हाथ नीचे सरकते हुए डॉली के पैंटी में घुसाकर उसके चूत को सहलाने लगा.. चूत को सहलाने से डॉली बेकाबू हो गयी ओर मेरे होंठो को ओर ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी 10 मिनिट्स के बाद डॉली का शरीर अकड़ने लगा में ज़ोर से डॉली की चूत को सहलाने लगा डॉली ज़ोर से सिसकारी भरते हुए झड़ गयी.. मेरा पूरा हाथ उसकी चूत रस से भीग गया था.


में डॉली के होंटो को छोड़ा ओर उसके दोनो उभारों के निपलेस को होंटो में भर कर चूसने लगा ओर एक मसलने लगा धीरे-धीरे डॉली फिर से गरम हो होने लगी

में डॉली के पेट को चूमते हुए नीचे जाने लगा ओर डॉली के नाभि में अपनी जीभ डालकर गोल गोल घुमा ने लगा कुच्छ देर नाभि को चूमने के बाद डॉली के पैंटी के ऊपर चूत पे एक जोरदार चूमा ले लिया

डॉली के मूह से ज़ोर से सिसकारी फुट पड़ी ..आअस ....म्म्म्मममम ....एमेम.एयाया....आ

मेरा लंड तो फटा जा रहा था अब मेने देर करना उचित नही समझा एक झटके में ही डॉली की पैंटी निकाल कर नीचे फेंक दिया... डॉली की चूत पे हल्के हल्के बाल थे मेने डॉली के दोनो जाँघो को पकड़ कर अलग किया चूत की फांके आपस में चिपकी हुई थी में दोनो फांको को चौड़ा किया डॉली की चूत रस से भरी हुई थी

मुझे रहा नही गया डॉली के रसीले चूत को होंटो में भरते हुए ज़ोर ज़ोर से चूसने लगा. डॉली ज़ोर ज़ोर से सिसकारी भरने लगी ओर मेरे सर को अपनी चूत पर दबाने लगी वो ज़ोर-ज़ोर से सिसकारी भर रही थी..में समझ गया की ये अब काफ़ी गरम हो गयी है.. मेने अपने सर को डॉली की चूत से अलग कर लिया अचानक चूत पर से सर हटाने से डॉली कसमसा गयी.. मेरे आँखो में देखने लगी उसके आँखो बेचैनी सॉफ मालूम दिखाई दे रहा था जैसे पुच्छ रही हो की क्या हुआ चूत चूसना क्यो छोड़ दिए

राज डॉली की चूत पे हाथ घुमाते हुए ,,,
डॉली जान आज तुम्हे औरत बना ही देता हू

डॉली:- नही जान बिना पत्नी बनाए ये असंभव है

इतना सुनकर में अपना दाहिना हाथ का अंगूठा अपने दाँतों से झखमी करके डॉली अभी कुच्छ समझती उससे पहले ही अपने खून से माँग भर दिया अभी मेरे अंगूठे से खून रिस रहा था.. डॉली देखती रह
गयी.... अब डॉली मेरी बीवी बन चुकी थी .


मैं --अब तो नही रोकॉगी ना .

डॉली अचानक खड़ी गई

में भी उसके साथ खड़ा था जब मेरी नज़र उसके ऊपर पड़ी तो डॉली के आँखो में आँसू थे अचानक डॉली नीचे झुकी मेरे पैर छूने के लिए मेने डॉली के कंधे को पकड़ते हुए ऊपर किया अपनी बाहों में समा लिया चुकी हम दोनों बिल्कुल नंगे थे डॉली की नंगी छातिया मेरे सीने मे जैसे धँस गयी मेरे सारे शरीर में मस्ती की लहर दौड़ने लगी मेरा लंड डॉली के पेट पर टकरा रहा था अचानक


डॉली नीचे बैठी ओर मेरे लंड को अपने मूह में भरते हुए ज़ोर ज़ोर से चूसने लगी मेने तो इसकी कल्पना ही ना किया था

डॉली ज़ोर ज़ोर से मेरे लंड को चूस रही थी मस्ती में मेरी आँखे बंद हो गयी थी मेरे मूह से सिसकारिया फुट रही थी आ....एम्म्म .....आआस आआ............................ हह

अब मुझेसे बर्दास्त नही हो रहा 'डॉली में झड़ रहा हू' में ज़ोर से चीखते हुए डॉली के गले में ही झड़ गया में तबतक अपना लंड बाहर नही निकाला जबतक मेरे लंड का एक कतरा पानी ना निकल गया आज में बहुत पानी छोड़ा था.............................

झड़ने के बाद मुझे लगा की मेरे अंदर की सारी खून ही निकल चुका है मेरे टाँगे कांप रही थी में पीठ के बल लेट गया डॉली भी मेरे सीने पर सर रखकर लेट गयी..
जब हमारी साँसे नॉर्मल हुई तो डॉली मेरे ऊपर से उठ गयी

डॉली:- आप मार्केट से कुच्छ समान लाइए

तबतक में तैयार हो जाती हू.

राज:- किस लिए तैयार होना चाहती हो

डॉली मेरे कान में धीरे से बोली ' हमारी सुहाग रात के लिए' ओर शर्मा कर मेरे गले से लग गयी.

मेने डॉली को अपने से दूर किया ओर उसके गालो को चूमते हुए बाथरूम में घुस्स गया ओर जल्द ही फ्रेश होकर मार्केट की तरफ निकल गया.. मार्केट वहाँ से दूर नही था.. मार्केट में सबसे पहले लेडिस गरमेंट्स की शॉप से लाल कलर की नेट वाला ब्रा - पैंटी ले लिया वैसे मुझे साइज़ मालूम था. पैंटी एकदम मॉडर्न थी पीछे से एक बहुत ही पतला पट्टी था आगे से केवल चूत को कवर कर सकता था..

फिर एक मंगलसूत्र खरीद लिया. फिर गुलाब की फुल भी पॅक करवा लिया ओर रूम की तरफ निकल गया

जब रूम में दाखिल हुआ तो डॉली के जिस्म पे एक तौलिया था वो सीसे के सामने बैठकर सिंगार कर रही थी खैर में पलंग की तरफ देखा तो चोक पड़ा पलंग पर नयी चादर बिछाया हुआ था ओर तकिया भी नया रखा हुआ था

मेने गुलाब की पत्तियाँ निकालकर बिछावन पर रखा फिर मेने ब्रा-पैंटी देते हुए कहा ये कुच्छ पहन लेना. इतना कहकर में रूम से बाहर आया किचन की तरफ बढ़ गया क्योकि मेने अभी तक खाना नही खाया था मेने प्लेट में खाना लिया जैसे ही खाने बैठा तभी अचानक मुझे डॉली की याद आ गयी उसने भी तो खाना नही खाया होगा मेने खाना नही खाया वही खाना को ढककर बैठा रहा लगभग 1 घंटे के बाद डॉली ने आवाज़ दी मेने खाने का प्लेट उठाया रूम की तरफ बढ़ गया रूम अंदर जाते ही प्लेट को टेबल पे रखा.

तभी पलंग से डॉली नीचे उतरी उसने नयी नवेली दुल्हन की घूँघट की हुई थी जैसे ही डॉली पैरो पे झुकी मेने उसके कंधे से पकड़ते हुए ऊपर किया ओर अपने सीने से लगा लिया डॉली कटे हुए पेड़ की तरह मुझसे चिपक गयी अभी उसने घूँघट नही उठाया था मेने डॉली को छोड़ दिया वो पलंग के बीचोबीच जाकर बैठ गयी............................
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Dolly sharma
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Re: खूनी रिश्तों में प्यार

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मे धीरे से पलंग पे चढ़ा डॉली का घूँघट उठा दिया डॉली शरम के मारे अपनी आँखे बंद की हुई थी मेने उसके चेहरे की तरफ देखा आज की डॉली पहले वाली डॉली मौसी नही थी आज तो डॉली मेरी बीवी बन चुकी थी आज उसका नाता मेरे से जन्मो- जन्मो का हो गया था वो मेरी रूह में उतर गयी थी बस एक चीज़ की कमी थी की आज मेरी बीवी के गले में मंगलसूत्र नही था


मेने तुरंत अपने जेब से मंगलसूत्र निकाला ओर डॉली को पुकारा'' डॉली '' अपनी आँखे तो खोलो

डॉली झट से अपनी आँखे खोलकर मेरी आँखो में देखने लगी में भी डॉली के आँखो में देखा हमारी नज़रें आपस में मिल गयी डॉली के आँखो में प्यार का अतः सागर लहरा रहा था में तो हिल गया मुझे लगा की ये आँखे प्यार की प्यासी है.. में डॉली के आँखो में देखते हुए धीरे से अपने दोनो हाथों को आगे बढ़ाया डॉली के गले के पीछे लेजाते हुए उसके गले में बाँध दिया. डॉली के माँग में सिंदूर चमक रहा था होंठो पे लाल रंग की लिपीसटिक तो मानो मुझे ही बुला रही हो आओ ओर मुझको चूस डालो.

मे जैसे ही आगे बढ़ा तो डॉली टेबल की तरफ बढ़ी ओर टेबल पे एक ग्लास में दूध रखा हुआ था उसे मेरे होंठो से लगाते हुए ' दूध पी लीजिए'

मेने आधा दूध पिया ओर आधा डॉली को पिला दिया डॉली ने ग्लास को नीचे फेंक दिया डॉली एक लाल रंग की सारी ओर मॅचिंग ब्लाउज पहनी हुई थी.. मेने डॉली को लिटाया ओर उसके प्यारी आँखो में देखते हुए उसके गुलाब जैसे होंठो पे झुकता चला गया डॉली अपनी होंठो को खोलते हुए मेरी आँखो में एकटक देख रही थी मे उसके होंठो को अपने होंठो में भरते हुए चूसने लगा अपने दोनो हाथों को नीचे ले जाते हुए अपनी बाहों कस लिया डॉली ने भी अपनी बाहों का हार मेरे गले में डाल दिया

हमारी किस में तेज़ी आने लगी मेने डॉली को पलटा अब डॉली मेरे ऊपर थी मेने डॉली को किस करते हुए उसके ब्लाउज के हुक खोल दिए फिर ब्रा को भी खोल दिया ओर अपने हाथों को डॉली के नंगे पीठ पर हाथ घुमाने लगा डॉली को जैसे ही आभास हुआ की उसके ब्लाउज ओर ब्रा हुक खुल चुके है वो तो मानो पगला ही गयी मेरे मूह में अपनी रसीली जीव डाल दी में डॉली के जीभ को चूस्ते हुए उसके नंगी पीठ पर हाथ घुमाए जा रहा था में फिर से डॉली को पलट दिया अब हमारी साँसे उखड़ चुकी थी लेकिन हम नही छोड़ रहे थे. लेकिन जब बर्दास्त नही हुआ तो में उसके होंठो को छोड़ा..............................

मेरा तो बहुत बुरा हाल था मेरा लंड तो लोहे के रोड की माफिक हो गया था डॉली भी काफ़ी गरम हो चुकी थी जिसका सबूत उसकी गरम -गरम साँसे थी जो मेरे चेहरे से टकरा रही थी.. मेने अपने सारे कपड़े निकाला नीचे फेंक दिया केवल अंडरवेर को छोड़ दिया.. लेकिन डॉली के शरीर पे सारे कपड़े थे लेकिन मेने ब्लाउज ओर ब्रा दोनो के हुक खोल दिए थे मेने डॉली के ब्लाउज ओर ब्रा दोनो निकाल कर नीचे फेंक दिया उसके बाद सारी ओर पेटीकोट को भी निकाल दिया अब डॉली के बदन पर एक पैंटी ही बचा था....डॉली बिल्कुल चित लेटी हुई
थी में उसके उभारों के एक निपल्स को अपने होंटो में भरते हुए चूसने लगा ओर दूसरे उभार को अपने हाथों में भरते हुए मसलने लगा.

में डॉली के दोनो उभारों को चूस रहा था डॉली मेरे पीठ पे अपने हाथों को घुमा रही थी.. में धीरे-धीरे दोनो निप्पलों को काट रहा था उसके दोनो उरोजो के निपल्स बहुत ही छोटे थे बिल्कुल अंगूर के दाने के समान थे मुझे थोड़ा सरारत सूझी में एक छाती को जितना हो सके उतना अपने मूह भरा ओर थोड़ा ज़ोर से काट लिया डॉली ज़ोर से चिहुक गयी में फिर से दोनो उभारों को चूसने लगा .. कुच्छ देर के बाद मेने अपना सर ऊपर किया उसकी छाती मेरे थूक से गीली हो गई थी ओर चमक रही थी

मेने डॉली की ओर देखा मस्ती में उसकी आँखे बंद थी. अचानक डॉली की बाहें मेरे पीठ पे कस् गये ओर वो पलट गयी अब डॉली मेरे ऊपर थी में उसके नीचे.. मेने अपना हाथ अलग कर लिया अब में देखना चाहता था डॉली क्या करती है.

डॉली मेरे सीने पर अपने हाथ घुमाने लगी.. उसके बाद अपने होंठो से मेरे सीने चूमने लगी अब मुझे बर्दास्त नही हो रहा था मेने डॉली को नीचे पलटा उसके पैंटी में अपनी उंगलिया फसाते हुए नीचे खिसकने लगा उसने चूतड़ ऊपर उठा दी में पैंटी उतार कर बेड पे ही फेंक दिया. में बेड पर ही खड़ा हो गया

जैसे ही अपना अंडरवेर नीचे किया डॉली ने अपनी आँखे बंद कर ली मेने अंडरवेर नीचे फेंका मेरा लंड 8'' लबा ओर 3'' मोटा है खड़ा होकर किसी कोब्रा की तरह फुफ्कार रहा था

में अपने घुटनो के बल डॉली के दोनो पैरो के बीच बैठ गया... उसके दोनो पैरो को फैलाते हुए रसीली चूत को चूसने लगा डॉली आहे भरने लगी.. में अपने जीभ से उसके चूत को चाट रहा था. थोड़ी देर में डॉली अपने उंगलियो से मेरे बालो को सहलाने लगी मेने अपना सर उसकी चूत पर से हटाया ओर डॉली के आँखो में देखा वो मेरे ओर ही देख रही थी जैसे पुच्छ रही हो की चूसना बंद क्यो कर दिए मे डॉली का इशारा समझ गया उसके माथे पर धीरे से चूम लिया में टेबल की ओर देखा उसपर नारियल का तेल रखा हुआ था मेने तेल अपने हाथों लिया लंड पर अच्छी तरह से मल लिया अब मेरा लंड पूरी तरह नारियल तेल में भीगा हुआ था
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Re: खूनी रिश्तों में प्यार

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में अपने घुटनो के बल डॉली के दोनो पैरो के बीच बैठ गया... उसके दोनो पैरो को फैलाते हुए रसीली चूत को चूसने लगा डॉली आहे भरने लगी.. में अपने जीभ से उसके चूत को चाट रहा था. थोड़ी देर में डॉली अपने उंगलियो से मेरे बालो को सहलाने लगी मेने अपना सर उसकी चूत पर से हटाया ओर डॉली के आँखो में देखा वो मेरे ओर ही देख रही थी जैसे पुच्छ रही हो की चूसना बंद क्यो कर दिए मे डॉली का इशारा समझ गया उसके माथे पर धीरे से चूम लिया में टेबल की ओर देखा उसपर नारियल का तेल रखा हुआ था मेने तेल अपने हाथों लिया लंड पर अच्छी तरह से मल लिया अब मेरा लंड पूरी तरह नारियल तेल में भीगा हुआ था

फिर डॉली के दोनो टाँगों को फैला दिया अभी डॉली वर्जिन थी उसकी चूत की फांके आपस में सटी हुई थी मेने दोनो फांको को फैलाया अपने लंड को चूत के छेद पर सेट करके डॉली को अपनी बाहों में कसते हुए उसके होंटो को अपने होंटो में भरते हुए एक जोरदार धक्का लगाया धक्का इतना जोरदार था की एक बार में ही मेरा आधा लंड सील तोड़ते हुए अंदर समा गया मुझे तो ऐसा लगा की किसी ने मेरे लंड को कसकर दबा दिया हो डॉली के मूह जोरदार चीख निकली जो मेरे मूह में रह गयी नही तो पड़ोसी भी जान जाते डॉली किसी मछली की भाँति तड़पने लगी अपने हाथ-पाँव पटकने लगी. मे उसके दोनो उभारों को मसलने लगा उसके होंठो को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगा में बिल्कुल स्थिर था थोड़ी देर में डॉली स्थिर हो गयी मेने फिर से अपने लंड को थोड़ा पीछे खींचा पूरा ताक़त लगा कर एक जोरदार धक्का लगाया अबकी बार मेरा 8'' का लंड डॉली की टाइट चूत में पूरा गायब हो गया............................


डॉली एक बार हिली ओर बेहोश हो गयी मेरा तो दिल ही फट गया मे डॉली के दोनो उभारों को मसलते हुए गर्दन को चूमने लगा थोड़ी देर में डॉली होश में आ गयी रोने ओर छ्टपटाने लगी ..

डॉली :- रोते हुए निकाल लीजिए नही तो में मर जाऊंगी बहुत दर्द कर रहा है लग रहा है कि मेरी चूत दो भागों मे बँट गयी है

में डॉली के दोनो उभारों को मसल रहा था उसके गर्दन को छोड़ फिर से उसके होंटो को चूसने लगा लगभग 5 मिनिट्स के बाद डॉली धीरे-धीरे अपने गान्ड उठाने लगी मेने उसके होंटो छोड़ा ओर उसके एक छाती को चूस्ते हुए धीरे-धीरे धक्का लगाने लगा मेरा लंड उसके टाइट चूत में अंदर बाहर हो रहा था डॉली को दर्द ओर मज़ा आ रहा था वो धीरे-धीरे सिसकारी भरने लगी. मे फिर से उसके उभारों को मसलते हुए ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगाने लगा

डॉली मेरे पीठ को सहलाने लगी ज़ोर-ज़ोर से सिसकारी भरने लगी आआ...
हह..एम्म............................. आआआ....हह...एयेए

में ज़ोर-ज़ोर से धक्का लगा रहा था डॉली की चूत अपना रस पे रस छोड़ रही थी लंड फ़च्छ... फ़च्छ..फॅक...
की आवाज़ करता हुआ अंदर बाहर हो रहा था................................

डॉली सिसकारी भरते हुए झड़ गयी लेकिन में अभी धक्के पे धक्के लगाए जा रहा था अब बिना किसी रुकावट के लंड डॉली की चूत के घहराई में सर कर रहा था.. थोड़ी देर फिर से अपनी गान्ड उठा-उठ कर ताल में ताल मिलाकर साथ देर रही थी अचानक मेरा शरीर अकड़ने लगा मेने एक जोरदार धक्का लगाया लंड को चूत की गहराइयो में ठेलते झड़ने लगा मेरे मे डॉली के होंटो को धीरे से चूसने लगा डॉली भी ज़ोर से सिसकारी भरते हुए झड़ गयी आआ............................ एम्म....म्माआ ...एयेए

मस्ती मे मेरी आँखे बंद हो गयी डॉली मेरे पीठ को सहला रही थी.. में डॉली के उभारों पेर सर रखे कब सो गया पता ही नही चला.

सुबह जब मेरी नींद खुली तो डॉली मेरे से चिपक कर बिल्कुल नंगी ही सो रही में जब टाइम देखा तो 8:00 बज गये थे में उठकर खड़ा हुआ ओर अंडरवेर पहन लिया तभी मेरी नज़र बेडशीट पेर पड़ी जिसपे खून का एक धब्बा था खैर मेने डॉली को उठाया

''डॉली जल्दी से उठो'' डॉली ने जब अपनी आँखे खोली ओर उठ के पलंग के नीचे पैर लटकर बैठ गयी..


राज:- डॉली जान जल्दी से नाश्ता बनाओ मुझे ड्यूटी पे जाना है

डॉली जैसे ही बेड से खड़ा हुई कहराते हुए बेड पे बैठ गयी

मुझे बहुत दर्द हो रहा है
राज:-अच्छा कोई बात नही में हुंा इतना कहते ही मेने डॉली को गोदी में उठाया बाथरूम में घुस्स गया गरम पानी बात्ट्च्ब में भरा उसी में डॉली को लिटा दिया में जल्दी से टाय्लेट से आया डॉली को टाय्लेट सीट पर बैठा दिया में जल्दी से नहा ली थोड़ी देर में डॉली देवरे के सहारे बाथरूम में आ गयी


फिर डॉली को अपने हाथों से नहलाया फिर तौलिया से उसके सारे शरीर को पोंछकर सॉफ किया उसकी चूत फूलकर डबलरोटी के समान हो गयी थी. उसके बाद डॉली को उठाकर बेड पे लिटा दिया किचन से पानी
गरम करके लाया एक कपड़ा से उसकी चूत की सिकाई करने लगा 5 मिनिट्स के बाद मेने गरम पानी बाथरूम में फेंका बर्तन को किचन में रखकर फिर को डॉली के पास आ गया डॉली अभी लेटी हुई थी.

राज:- चलो कपड़े पहन लो

डॉली:- पहना दीजिए

मेने अलमारी में से ब्रा-पैंटी ओर सारी ब्लाउज पेटीकोट उठा लाया सबसे पहले ब्रा-पैंटी उठाया ओर पहना दिया फिर से पेटीकोट डॉली ने ही पहन लिया मेने ब्लाउज उठाया ओर पहना दिया फिर में अपने कपड़े पहन लिया जबतक में अपना वर्दी पहना तबतक डॉली बिल्कुल रेडी हो गयी माँग में सिंदूर आँखो में काजल होंठो पे लिपीसटिक लगा ली

डॉली का चेहरा गुलाब की तरह खिला हुआ था

डॉली:- कैसी लग रही हू

राज:- बिल्कुल स्वर्ग की अप्सरा की तरह

फिर मेने डॉली को उठाया ओर किचन में लेकर चला आया

हम दोनों ने मिलकर नाश्ता बनाया फिर हम दोनों ने मिलकर नाश्ता किया ओर टोपी ओर डंडा लिया जैसे में गेट पर आया डॉली गेट तक आई वो अपने दोनो पैरो को चौड़ा करके चल रही थी

मेने डॉली को बाहों में भरकर उसके माथे पे किस किया डॉली भी मेरे भी मेरे माथे पर किस की. जैसे ही में आगे बढ़ा तो

डॉली ' सुनिए जल्दी आना'

राज- जैसे मेरे जान का हुकम

उसके बाद में थाने पे चल दिया लगभग 10:00 बजे थाने पहुचा
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